रूचि ने अपनी नई कामवाली पर तरस खाकर उसे खाना-कपडा दिया, पर उसने तो काम को ही परे कर दिय रूचि ने अपनी नई कामवाली पर तरस खाकर उसे खाना-कपडा दिया, पर उसने तो काम को ही परे...
ये सोच कर की अब इसे कभी नहीं बताऊंगी की मेहमान कब आ रहे है कब जा रहे है।। ये सोच कर की अब इसे कभी नहीं बताऊंगी की मेहमान कब आ रहे है कब जा रहे है।।
पति का शीश गोद में लेकर सुलोचना चिता पर बैठी। पति का शीश गोद में लेकर सुलोचना चिता पर बैठी।
आखिर आज वह अपने बेटे के साथ बंबई की धरती पर जीवन में दोबारा कदम रख रही थी आखिर आज वह अपने बेटे के साथ बंबई की धरती पर जीवन में दोबारा कदम रख रही थी
मैं दिन रात केवल दक्षिण की ओर से आने वाले गुप्तचरों की प्रतीक्षा करती रहती मैं दिन रात केवल दक्षिण की ओर से आने वाले गुप्तचरों की प्रतीक्षा करती रहती
उसके नैन नक्श के बारे में अपनी सहेली को नहीं बतातीं तो आख़िर किसे बतातीं ? उसके नैन नक्श के बारे में अपनी सहेली को नहीं बतातीं तो आख़िर किसे बतातीं ?